जयपुर। पूरे देश की तरह राजस्थान में भी इस बार दीपावली का पर्व सोमवार, 20 अक्टूबर को पूरे धूमधाम और परंपरा के साथ मनाया जाएगा। त्योहार के मद्देनजर बाजारों और घरों में रोशनी, सजावट और खरीदारी का उत्साह चरम पर है। लक्ष्मी पूजन के लिए शुभ मुहूर्त जानने को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्सुकता देखी जा रही है।
दो दिन मनेगा दीपोत्सव
पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि इस वर्ष 20 अक्टूबर को दोपहर 3:45 बजे से शुरू होकर 21 अक्टूबर को शाम 5:55 बजे तक रहेगी। इस कारण, दीपावली का पर्व 20 अक्टूबर (सोमवार) के साथ-साथ 21 अक्टूबर (मंगलवार) को भी मनाया जाएगा। राजस्थान सरकार ने दीपावली का अवकाश 20 अक्टूबर को घोषित किया है, लेकिन धार्मिक दृष्टिकोण से 21 अक्टूबर को भी पूजा और दीपदान का विशेष महत्व रहेगा।
श्री महालक्ष्मी पूजा महूर्त
- कार्तिक कृष्ण 14 सोमवार 20 अक्टूबर
- सुबह 6:45 मिनट से 8:09 बजे तक अमृत
- सुबह 12:00 बजे से 12:45 बजे तक अभिजित
- दोपहर 1:47 बजे से रात 9:28 बजे तक
- लाभ अमृत गोधुलिक वेला प्रदोष वेला व स्थिर लग्न
- रात्रि 11:43 बजे से 2:01 बजे तक शुभ
- रात 2:01 बजे से 4:16 बजे तक सिंह लग्न
- कार्तिक कृष्ण अमावस्या 21 अक्टूबर
- सुबह 9.33 मिनट से 10.58 बजे तक शुभ
- सुबह 10.58 बजे से 1.47 बजे तक चर, लाभ अभिजित
- दोपहर 3.11 बजे से 4.36 बजे तक शुभ वेला
- शाम 6.00 बजे से 9.22 बजे तक गोधुलिक वेला
- रात 1.53 बजे से 4.58 बजे तक सिंह लग्न
बाजारों में दीपावली की रौनक
रविवार को ही बाजारों में खरीदारी का जबरदस्त उत्साह देखा गया। सोने-चांदी के सिक्के, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, दिये, मिठाइयां, और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं खरीदने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। त्योहार को लेकर नवविवाहितों, व्यवसायियों और परिवारों में विशेष जोश देखने को मिला।


