Naresh Meena: राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद नरेश मीणा ने खाटूश्याम जी मंदिर पहुंचे। इस दौरान मीणा मीडिया से मुखातिब हुए। एसडीएम को थप्पड़ मारना और समरावता में हिंसा तात्कालिक थी। उस समय वहां जो स्थिति बनी, वह दुर्भाग्यपूर्ण थी, लेकिन मुझे थप्पड़ नहीं मारना चाहिए था।
मीडिया से बात करते हुए नरेश मीणा ने कहा कि मैं 20-25 साल से राजनीति जीवन में हूं, और उम्मीद करता था कि मुझे बड़ा पद मिले, लेकिन वह नहीं मिल पा रहा था, जिसके बाद मैं निराश हो गया था। इसके बाद मैंने सोचा कि बाबा श्याम के दरबार में धोक लगानी चाहिए। नरेश मीणा ने कहा, “बाबा श्याम ने मेरी अरदास सुन ली। उनकी कृपा से ही मुझे जमानत मिली, और पूरे परिवार के साथ यहां आया हूं। बाबा श्याम से आशीर्वाद मांगा है।
उन्होंने कहा, “हनुमान बेनीवाल ने जो स्टेटमेंट दिया तो उसके बाद लोगों को समझ में भी आई। बहुत सारी चीजें कंट्रोल में आईं, मैं उनको भी धन्यवाद दूंगा। कुछ लोग भारतीय जनता पार्टी सरकार में बैठे विधायकों ने भी मेरी मदद की। कुछ सीएमओ में बैठे प्रशासनिक अधिकारियों ने भी भरसक मदद की। मैं बीजेपी वालों का नाम नहीं लूंगा, क्योंकि उनका नुकसान हो जाएगा।

बता दें कि देवली उनियारा उपचुनाव के दौरान हुई थी, 13 नवंबर को विधानसभा उपचुनाव हुए। इस दौरान देवली उनियारा विधानसभा में मतदान के दौरान समरावता गांव के लोगों ने मतदान बहिष्कार किया था। नरेश मीणा ने भी गांव वालों का समर्थन किया। इस दौरान SDM पर कुछ लोगों को जबरन वोट दिलवाने का आरोप था। नरेश मीणा ने एसडीएम के साथ धक्का-मुक्की करते हुए अमित चौधरी को थप्पड़ जड़ दिए थे। इस मामले के बाद लोगों और पुलिस में झड़प भी हुई थी। इसके बाद पुलिस ने नरेश के खिलाफ कई मामले दर्ज किए थे। घटना के दौरान गांव में कई गाड़ियों में आग लगा दी गई थी। इसके बाद पुलिस ने अगले दिन नरेश मीणा को गिरफ्तार किया था। ग्रामीणों पर भी पुलिस ने कार्रवाई की थी।


