उदयपुर। पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने अपना 82वां जन्मदिन झीलों की नगरी उदयपुर में सादगी और भक्ति के साथ मनाया। इस खास अवसर पर उन्होंने शहर के प्रमुख मंदिरों में जाकर देवदर्शन किए और भगवान से अपने नए वर्ष की शुभ शुरुआत का आशीर्वाद लिया। कटारिया सबसे पहले बोहरा गणेशजी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से भगवान गजानंद की पूजा-अर्चना की। मंदिर में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने उनका दुपट्टा और माला पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया।
हर जन्मदिन पर उदयपुर आकर करता हूं दर्शन: कटारिया
मीडिया से खास बातचीत में गुलाबचंद कटारिया ने बताया कि उदयपुर के मंदिरों से उनका गहरा आत्मिक जुड़ाव है और बचपन से ही वे हर जन्मदिन पर यहीं आकर भगवान के दर्शन करते हैं। उन्होंने कहा, “भगवान के चरणों में नए वर्ष की शुरुआत करना मेरे जीवन का हिस्सा बन चुका है।” उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में उन्हें 45 वर्षों तक सेवा का अवसर जिन कार्यकर्ताओं की वजह से मिला, उनके प्रति वे हृदय से आभार प्रकट करते हैं। उन्होंने कहा, “जनता का जो स्नेह मुझे मिला, उसी ने मुझे यहां तक पहुंचाया है। जब तक मेरे शरीर में जान है, मैं सेवा करता रहूंगा।”
कार्यकर्ताओं को दिया भावुक संदेश
अपने जन्मदिन पर कटारिया ने कार्यकर्ताओं को भी एक विशेष संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सारी उपलब्धियां कार्यकर्ताओं के सहयोग और आशीर्वाद से ही संभव हो सकीं। उन्होंने कहा: “कार्यकर्ता कभी छोटा-बड़ा नहीं होता। पद हो या न हो, कार्यकर्ता संगठन की सबसे बड़ी ताकत है। पद मिलने के बाद भी कार्यकर्ताओं को अपने से कम न समझें।” कटारिया ने वर्तमान राजनीति की तुलना 50 साल पहले के दौर से करते हुए कहा कि समय के साथ परिस्थितियां बदलती हैं और बदलाव को अपनाकर ही सफलता की नई राहें बनती हैं।


