संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र के दौरान रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिसंबर 2025 में भारत की आधिकारिक यात्रा पर आएंगे। यह दौरा दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहराई देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
पुतिन की भारत यात्राएं: एक नजर
- दिसंबर 2002: पहली यात्रा में पुतिन ने राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम और पीएम अटल बिहारी वाजपेयी से मुलाकात की थी।
- दिसंबर 2012: दूसरी बार वे पीएम मनमोहन सिंह और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिले।
- दिसंबर 2014: तीसरी यात्रा में उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
क्यों खास है यह यात्रा?
- ऊर्जा सहयोग: परमाणु ऊर्जा, गैस और तेल परियोजनाओं में निवेश
- रक्षा क्षेत्र: उन्नत रक्षा तकनीक, संयुक्त उत्पादन और निर्यात
- व्यापार: रूस-भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य
- तकनीकी सहयोग: साइबर सुरक्षा, डिजिटल तकनीक और AI में समझौते संभव
वैश्विक मंच पर मजबूत साझेदारी
यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है जब रूस पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। भारत के साथ मजबूत रिश्ते रूस के लिए कूटनीतिक और आर्थिक लिहाज से बेहद अहम बनते जा रहे हैं। दोनों देश BRICS, SCO और G20 जैसे मंचों पर भी लगातार अपनी साझेदारी को मज़बूत करते आ रहे हैं।


