राजस्थान सरकार ने धर्म परिवर्तन और लव जिहाद (Love Jihad) जैसे संवेदनशील मुद्दों को लेकर सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने विधानसभा में धर्मांतरण विरोधी बिल पेश किया है। इस बिल को बजट सत्र में बहस के बाद पारित करवाया जाएगा। विधेयक के पारित होने की तिथि बाद में तय की जाएगी।
बिल के मुख्य प्रावधान
राजस्थान विधानसभा में आज स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने धर्मांतरण और लव जिहाद (Love Jihad) रोकने वाला बिल पेश किया। यह बिल बजट सत्र में बहस के बाद पारित किया जाएगा। विधेयक के पारित होने की तिथि बाद में तय की जाएगी।
बिल के प्रमुख प्रावधान:
- बिल में लव जिहाद को परिभाषित किया गया है।
- अगर किसी ने धर्म बदलवाने के लिए शादी की है और यह साबित होता है कि शादी का मकसद लव जिहाद था, तो ऐसी शादी को रद्द किया जा सकेगा।
- फैमिली कोर्ट ऐसे विवाह को अमान्य घोषित कर सकती है। इस कानून का उद्देश्य जबरन धर्म परिवर्तन और शादी के जरिए धर्मांतरण पर रोक लगाना है।
राजस्थान सरकार ने धर्म परिवर्तन (Religious Conversion) पर सख्त नियम लागू करने का फैसला किया है। अब कोई भी व्यक्ति अगर मर्जी से धर्म परिवर्तन करता है, तो उसे कम से कम 90 दिन पहले कलेक्टर को सूचना देनी होगी। इस दौरान कलेक्टर या संबंधित अधिकारी यह जांच करेंगे कि धर्म परिवर्तन में किसी व्यक्ति को बल, धोखा या लालच तो नहीं दिया गया है। यदि किसी व्यक्ति या संस्था ने इस नियम का उल्लंघन किया, तो उन्हें कठोर दंड का सामना करना पड़ेगा। यह कदम जबरन धर्म परिवर्तन और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
विधानसभा में पेश धर्मांतरण विरोधी बिल के तहत अब अवैध रूप से धर्म परिवर्तन में मदद करने वालों को भी अपराधी माना जाएगा। इसका मतलब है कि किसी को जबरन धर्म परिवर्तन कराने या इसमें सहायता करने वाले लोगों पर कठोर सजा लागू की जा सकेगी। विधेयक विधानसभा से पारित होने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर ही कानून के रूप में लागू होगा। धर्मांतरण एक सेंसिटिव मुद्दा है, जो समाज और सियासी गलियारों में अक्सर चर्चा का विषय बना रहता है।


