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Saturday, March 7, 2026

Ratan Tata Passes away: रतन टाटा: एक युग का अंत, उद्योग और परोपकार के महानायक को भावभीनी विदाई

देश ने आज एक महान शख्सियत को खो दिया। टाटा संस के मानद चेयरमैन रतन नवल टाटा का 86 साल की उम्र में निधन हो गया। बुधवार देर रात करीब 11 बजे उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे और ICU में भर्ती थे। रतन टाटा, एक ऐसा नाम जिसने सिर्फ उद्योग जगत में ही नहीं, बल्कि देश की आत्मा में भी एक विशेष स्थान बना लिया।

टाटा का पार्थिव शरीर मुंबई के नेशनल सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स (NCPA) में रखा गया है, जहां शाम 4 बजे तक लोग उन्हें अंतिम विदाई देंगे। शाम को उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

सबसे पहले उद्योगपति हर्ष गोयनका ने उनके निधन की खबर दी। उन्होंने लिखा, ‘घड़ी की टिक-टिक बंद हो गई। टाइटन नहीं रहे। रतन टाटा ईमानदारी, नैतिकता और परोपकार के प्रतीक थे।

“रतन टाटा के निधन पर देश और दुनिया के शीर्ष नेताओं, उद्योगपतियों और नागरिकों ने गहरा शोक जताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें एक दूरदर्शी बिजनेस लीडर और दयालु आत्मा बताया। राहुल गांधी ने कहा, रतन टाटा ने बिजनेस और परोपकार में कभी ना मिटने वाली छाप छोड़ी है। मुकेश अंबानी ने कहा, ‘यह देश के लिए बड़ा नुकसान है, मैंने अपना दोस्त खो दिया है।'”

महाराष्ट्र सरकार ने गुरुवार को एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। सभी सरकारी इमारतों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होंगे।

“रतन टाटा सिर्फ एक उद्योगपति नहीं, बल्कि एक ऐसे इंसान थे जिन्होंने अपने जीवन को राष्ट्र निर्माण और परोपकार के लिए समर्पित कर दिया। पद्म विभूषण और पद्म भूषण से सम्मानित टाटा का योगदान ना सिर्फ उद्योग जगत बल्कि समाज के हर तबके के लिए अमूल्य है।

टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा, ‘टाटा सिर्फ चेयरमैन नहीं थे, वे मेरे लिए एक गुरु और मित्र थे।’ उद्योग जगत की हस्तियों जैसे आनंद महिंद्रा, गौतम अडाणी और सुंदर पिचाई ने भी उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।

महाराष्ट्र के राज्यपाल ने रतन टाटा को मॉडर्न मैनेजमेंट का प्रतीक और एक नैतिक लीडर बताया। उन्होंने कहा कि टाटा ने टाटा ग्रुप को दुनिया का भरोसेमंद ब्रांड बनाया और कभी भी अपने मूल्यों से समझौता नहीं किया।

झारखंड में भी एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की गई है। रतन टाटा आखिरी बार 2021 में झारखंड आए थे, जहां उन्होंने जमशेदपुर में नवल टाटा हॉकी अकादमी और IIT सेंटर का उद्घाटन किया था।

रतन टाटा का निधन एक युग का अंत है, लेकिन उनके द्वारा स्थापित मूल्य और उनकी दूरदर्शिता सदियों तक हमारे साथ रहेंगी। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।
NSC 9 News … रतन टाटा की अंतिम यात्रा पर उन्हें भावभीनी श्रद्दांजलि देता है और उन्हें नमन करता है… रतन टाटा को शत-शत नमन।”

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