बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित “वोट चोरी” के खिलाफ सोमवार को विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद भवन परिसर से जोरदार मार्च निकाला। मार्च में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता एवं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और कई अन्य विपक्षी सांसद शामिल हुए।
पुलिस ने विपक्षी नेताओं को संसद मार्ग पर ही रोक लिया और बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए सभी नेताओं को पुलिस ने कुछ देर बाद उन्हें छोड़ दिया। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, “हकीकत यह है कि वे बोल नहीं सकते। सच्चाई देश के सामने है। यह लड़ाई राजनीतिक नहीं है। यह संविधान बचाने की लड़ाई है। यह लड़ाई एक व्यक्ति, एक वोट की है। हम एक साफ़-सुथरी मतदाता सूची चाहते हैं।”
यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन – मल्लिकार्जुन खरगे
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “अगर कोई सरकार चुनाव आयोग कार्यालय तक पहुंचने नहीं देती तो उस सरकार को क्या डर है, यह हमें नहीं पता…यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन है…”
अगर हंगामा करना था तो सांसद क्यों बने – किरेन रिजिजू
किरेन रिजिजू ने विपक्ष पार्टी के सांसदों के मार्च पर कहा कि अगर हंगामा करना था तो सांसद क्यों बने। चुनाव आयोग के दफ्तर में कितने लोग घुसेंगे।


