प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) कार्यक्रम को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि देश के 12 राज्यों में होने वाले फेज-2 विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम में राजस्थान भी शामिल है। इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को और अधिक सटीक, अद्यतन और पारदर्शी बनाना है। यह कार्यक्रम 28 अक्टूबर 2025 से 7 फरवरी 2026 तक चलेगा। इस अवधि में राज्यभर में मतदाताओं के नाम, पते और पात्रता से जुड़ी सूचनाओं का अद्यतन कार्य किया जाएगा, ताकि आगामी चुनावों के लिए मतदाता सूची त्रुटिरहित तैयार की जा सके।
कार्यक्रम का शेड्यूल
- 28 अक्टूबर से 3 नवंबर: प्रशिक्षण एवं गणना प्रपत्र मुद्रण कार्य
- 4 नवंबर से 4 दिसंबर: घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरण और संग्रहण
- 9 दिसंबर: मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशन
- 9 दिसंबर से 8 जनवरी: दावे एवं आपत्तियों की अवधि
- 9 दिसंबर से 31 जनवरी: सुनवाई और सत्यापन प्रक्रिया
- 7 फरवरी 2026: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
प्रदेश में 5.48 करोड़ मतदाता
राजस्थान में वर्तमान में 5 करोड़ 48 लाख 84 हजार 827 मतदाता हैं। इनमें से 2.61 करोड़ मतदाता 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के हैं, जिनकी 77% मैपिंग पूर्ण हो चुकी है। वहीं 2.88 करोड़ मतदाता 40 वर्ष से कम आयु वर्ग के हैं और उनकी मैपिंग प्रक्रिया जारी है। राज्यभर में 52,469 बीएलओ (BLO) घर-घर जाकर गणना प्रपत्र भरवाने का कार्य करेंगे।
जागरूकता, प्रशिक्षण और मीडिया प्रबंधन पर विशेष जोर
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभी संभागीय आयुक्त, जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) और निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारी (ERO) को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। मतदान केंद्र पुनर्गठन, प्रशिक्षण, मीडिया प्रबंधन और IEC प्रकाशन पर विस्तृत चर्चा की गई है। बीएलओ और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है, जबकि रिफ्रेशर सत्र जल्द आयोजित किए जाएंगे। स्वयंसेवकों और हेल्पडेस्क कार्मिकों के लिए भी विशेष प्रशिक्षण सत्र रखे जाएंगे।
जिला स्तर पर मीडिया सेल गठित
राजनीतिक दलों को कार्यक्रम की जानकारी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से दी जाएगी। जिला स्तर पर मीडिया सेल गठित कर डीईओ को अधिकृत प्रवक्ता बनाया गया है। ‘Book a Call with BLO’ फीचर के माध्यम से अब तक 5 हजार से अधिक कॉल प्राप्त हो चुकी हैं। वहीं, ECINet ऐप और वेबसाइट के जरिए मतदाता सीधे अपने बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं। पंचायत, विद्यालय और महाविद्यालय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें स्वयं सहायता समूहों और राजसखी महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रहेगी।


