राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी से बड़ी खबर सामने आई जहाँ मुख्य सचिव सुधांश पंत का दिल्ली ट्रांसफर का आदेश जारी कर दिया गया हैं इस आदेश से अफसरशाही गलियारों में चर्चाओ का दौर तेज हो गया हैं कि आखिर ऐसा क्यों हुआ हुआ और हो गया तो अब अगला नया मुख्य सचिव कौन होगा।
लंबे समय तक केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर रहने के बाद एक जनवरी 2024 को राजस्थान के मुख्य सचिव बनाए गए सुधांश पंत अचानक फिर केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर लौट रहे हैं. पंत केंद्र में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय में सचिव का पद संभालेंगे. केंद्र सरकार ने आदेश जारी किए. पंत 22 माह 10 दिन राजस्थान के मुख्य सचिव रहे. मुख्य सचिव को अचानक केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर बुलाने को लेकर प्रशासनिक गलियारों में चर्चाएं चल रही हैं
पंत के केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर चले जाने के बाद अब राजस्थान का नया मुख्य सचिव कौन होगा, इसे लेकर सियासी और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई. वरिष्ठता के हिसाब से देखा जाए तो अखिल अरोड़ा, आनंद कुमार और अभय कुमार का नाम सबसे आगे है. अखिल अरोड़ा 1993 बैच के आईएएस हैं और वर्तमान में जलदाय विभाग में एसीएस है. 1994 बैच के आईएएस अधिकारी आनंद कुमार भी वन एवं पर्यावरण विभाग में एसीएस हैं. वे गहलोत सरकार में गृह विभाग के एसीएस थे. भजनलाल सरकार में करीब 1 साल तक एसीएस रहे थे. इसके अलावा 1992 बैच के अभय कुमार भी वरिष्ठता के हिसाब से प्रबल दावेदार हैं. वे जल संसाधन विभाग में एसीएस है. इसके अलावा दिल्ली से भी तीन मज़बूत दावेदारों के नाम चर्चा में हैं जिनमे रजत कुमार मिश्र , वी श्रीनिवास और तन्मय कुमार का नाम भी तेजी से चर्चा में हैं ।
मुख्य सचिव पद के दौरान केंद्र प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले सुधांश पंत दूसरे ऐसे अफसर हैं. इससे पहले साल 2013 में राजीव महर्षि को वसुंधरा राजे सरकार ने 20 दिसंबर 2013 को मुख्य सचिव नियुक्त किया था, लेकिन नियुक्ति के 9 महीने बाद ही 28 अक्टूबर 2014 को महर्षि केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर चले गए.
पंत के केंद्र में जाने के पीछे एक वजह है कि पंत लंबे समय तक केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर रहे हैं. बेहतर परफॉर्मेंस दे चुके हैं. पंत फिलहाल केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर सामंजस्य बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं. माना जा रहा है कि यही एक वजह है कि उन्हें केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर लाया जा रहा है सुधांश पंत को 1 जनवरी 2024 को राज्य का मुख्य सचिव नियुक्त किया था. वे फरवरी 2027 में सेवानिवृत्ति होंगे, लेकिन सेवानिवृत्ति से 13 महीने पहले ही मुख्य सचिव का पद छोड़कर दिल्ली जाएंगे.


