इस वर्ष दीपावली जयपुर में केवल रोशनी और सजावट का पर्व नहीं होगी, बल्कि यह ‘स्वदेशी अपनाओ’ का संदेश भी लेकर आएगी। शहर के 150 से अधिक बाजारों को इस बार स्वदेशी थीम पर सजाया जाएगा। विदेशी सजावटी सामान की जगह भारत में बने दीपक, बल्ब और सजावटी आइटम से बाजार जगमगाएंगे।
वोकल फॉर लोकल का संदेश
डेढ़ लाख से अधिक व्यापारी इस दीपावली पर स्वदेशी उत्पादों का उपयोग कर ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश देंगे। रक्षाबंधन की तरह इस बार दीपावली पर भी केवल स्वदेशी सामान बेचा और खरीदा जाएगा।
दीपक और रोजगार से जुड़ी उम्मीदें
भारत में बने दीपक, जो कुम्हारों और गौशालाओं में तैयार हुए हैं, उन्हें सवा लाख दुकानदारों तक पहुंचाया जाएगा। इससे स्थानीय कारीगरों और निम्न आय वर्ग के लोगों को रोजगार मिलेगा, जिससे ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना साकार होगी।
गंगा-जमुनी तहजीब के साथ दीपोत्सव
एमआई रोड बाजार, जो गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक है, वहां हिंदू और मुस्लिम व्यापारी मिलकर दीपावली मनाएंगे। यह सामाजिक एकता का संदेश देगा और भारतीय संस्कृति की विविधता को दर्शाएगा।
चाइनीज लाइट्स को ‘ना’, स्वदेशी डेकोरेशन को ‘हां’
इस बार बाजारों में चाइनीज लाइट्स का पूरी तरह बहिष्कार किया जाएगा। लोग अब भारतीय उत्पादों को अधिक पसंद कर रहे हैं, और इससे देश का व्यापार और रोजगार दोनों मजबूत होंगे।
जयपुर में बनेगी मिसाल
इस बार सजावट के लिए दिल्ली, चेन्नई और बेंगलुरु से राइजिंग लाइट्स, और जयपुर में बने बल्ब व ट्यूबलाइट्स का उपयोग किया जाएगा। दिल्ली से लाए गए कपड़े-कागज की बॉल्स और अन्य डेकोरेटिव आइटम्स भी खास आकर्षण होंगे। इस पहल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वदेशी अपनाओ’ अभियान को भी नई ऊर्जा मिलेगी।


