‘झीलों की नगरी’ उदयपुर इन दिनों अपने अप्रत्याशित और मनमोहक रूप से पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर रहा है। रविवार रात से शुरू हुई बारिश ने पूरे शहर का नज़ारा ही बदल दिया। बुधवार सुबह जैसे ही बारिश थमी, पूरा उदयपुर घने कोहरे की आगोश में समा गया। झीलों के ऊपर तैरते बादल और धुंध ने शहर को मानो कश्मीर या हिमाचल की वादियों जैसा रूप दे दिया।
सज्जनगढ़ पर कोहरे का जादू
शहर की सबसे ऊंची पहाड़ी पर स्थित मशहूर सज्जनगढ़ पैलेस (मॉनसून पैलेस) पर सुबह बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचे। यहां कोहरा इतना घना था कि दृश्यता (विजिबिलिटी) सिर्फ 20 मीटर तक ही सीमित रही। पैलेस के चारों ओर फैली धुंध और पहाड़ियों से उठता कुहासा पर्यटकों को रोमांचित कर रहा था। कैमरे और मोबाइल की फ्लैशों से घिरा सज्जनगढ़ सुबह-सुबह किसी फिल्मी लोकेशन की तरह चमक उठा।
पर्यटक बोले — “राजस्थान में सब कुछ है!”
हरी-भरी वादियों और झीलों से घिरे उदयपुर को देखकर पर्यटकों ने कहा कि उन्होंने ऐसा दृश्य राजस्थान में देखने की कल्पना भी नहीं की थी। गुजरात और महाराष्ट्र से आए एक पर्यटक ने मुस्कराते हुए कहा “हम सोचते थे राजस्थान मतलब रेगिस्तान, लेकिन यहां तो पहाड़, हरियाली और झीलों का स्वर्ग है। अब समझ आया, भारत में ही सब कुछ है।”

झीलों में उफान, मौसम हुआ सुहावना
लगातार हुई बारिश से शहर के कैचमेंट एरिया में पानी की तेज़ आवक बनी रही। इसी के चलते उदयसागर और फतहसागर झील के गेट खोलने पड़े।
तापमान में भी तेज़ गिरावट दर्ज की गई है — दिन और रात के तापमान में अब सिर्फ 1 डिग्री का अंतर रह गया है। इससे शहर का मौसम और भी खुशनुमा हो गया है।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
उदयपुर का यह अप्रत्याशित मौसम और प्राकृतिक खूबसूरती आने वाले दिनों में पर्यटन सीज़न को नई ऊंचाई दे सकती है। होटल और टूर ऑपरेटरों का मानना है कि कोहरे और झीलों के इस अद्भुत संगम से देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या में तेज़ बढ़ोतरी हो सकती है।


