बीजेपी की कद्दावर नेता और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में जल संसाधन राज्यमंत्री रहे प्रो. सांवरलाल जाट की प्रतिमा का अजमेर के सिरोंज गांव में अनावरण करने पहुंची। इस दौरान राजे ने सांवरलाल जाट को याद करते हुए सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट लिखी। पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि मौसम और इंसान कब बदल जाए कोई भरोसा नहीं। आजकल राजनीति में लोग नई दुनिया बसा लेते हैं, एक चेहरे पे कई चेहरे लगा लेते हैं, पर प्रो.सांवर लाल जाट ऐसे नहीं थे। वे मरते दम तक मेरे साथ थे।
उन्होंने आगे लिखा कि भैरोंसिंह शेखावत, स्व. प्रो. सांवरलाल जाट और डॉ. दिगंबर सिंह के चले जाने से बहुत नुकसान हुआ। वे मेरी मदद के लिए हमेशा तैयार रहते थे। मेरी तरह स्व. प्रो. जाट भी राजनीति में पूर्व उपराष्ट्रपति स्व. भैरों सिंह शेखावत की स्कूल के छात्र थे। उनकी अजमेर लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं थी पर अनुशासित होने के कारण लड़े और जीते। हमने 2018 में जब किसानों का 50 हजार तक का कर्जा माफ किया तब स्व. सांवरलाल जाट होते तो बहुत खुश होते। अजमेर में बीसलपुर का पानी उन्होंने ही पहुंचाया। उनकी चाह थी कि चम्बल बेसिन का पानी बीसलपुर बांध में डले। हमने 2018 में ईआरसीपी शुरू की, जिससे सांवर जी का सपना पूरा होगा। उनके निधन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा और राष्ट्र के लिए एक बड़ी क्षति बताया था। अब उनके पुत्र विधायक रामस्वरूप लांबा उनकी सोच को आगे बढ़ा रहे हैं।
बता दें कि सांवरलाल जाट राजस्थान सरकार में तीन बार मंत्री रहे है। इसके बाद 2014 में अजमेर से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद वह मोदी सरकार में जल संसाधन राज्य मंत्री बनाया गया था। हालांकि मंत्रिमंडल फेरबदल के दौरान उन्हें मंत्री पद से हटा दिया गया था। हार्ट अटैक के बाद उनका दिल्ली एम्स में काफी समय तक इलाज चला और अगस्त 2017 में उनका निधन हो गया।


