33.6 C
Jaipur
Saturday, March 7, 2026

Breaking News: जयपुर में LPG टैंकर फटने से 5 लोग जिंदा जले

आज सुबह जयपुर के अजमेर रोड पर पुष्पराज पेट्रोल पंप के पास हुए एलपीजी टैंकर धमाके ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। धमाके की गूंज 10 किलोमीटर तक सुनाई दी। NSC 9 NEWS ने पहले भी एक न्यूज़ के माध्यम से प्रशासन को ऐसी घटनाओं की आशंका के बारे में आगाह किया था, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही के चलते आज एक और बड़ी दर्दनाक दुर्घटना हो गई।

दरअसल, जयपुर में शुक्रवार सुबह अजमेर हाईवे पर दिल्ली पब्लिक स्कूल के सामने गैस से भरे टैंकर में धमाका हो गया। हादसे में 5 लोग जिंदा जल गए और 35 लोग झुलसे हैं। टैंकर को एक ट्रक ने टक्कर मारी थी। इससे टैंकर में ब्लास्ट हो गया और देखते ही देखते चारों और आग की लपटों ने कई जिंदगियों को मौत के आग़ोश में ले लिया ।

40 से ज्यादा गाड़ियां आग की चपेट में आ गईं। कई गाड़ियां ऐसी थीं जिनमें से लोगों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। टैंकर के पीछे चल रही एक स्लीपर बस और हाईवे के किनारे मौजूद पाइप फैक्ट्री भी जल गई। धमाके और आग के कारण हाईवे बंद किया गया है।

NSC 9 NEWS ने पहले ही चेताया था


NSC 9 NEWS ने पहले भी ऐसे हादसों की संभावनाओं को लेकर प्रशासन और सरकार को आगाह किया था। हाल ही में दशहरे पर प्रतापनगर में पेट्रोल पंप के पास रावण दहन की अनुमति को लेकर भी प्रशासन को चेताया गया था।

प्रशासन की लापरवाही:


ट्रेंड स्टाफ की कमी।
सुरक्षा उपकरणों की अनुपलब्धता।
दिशा-निर्देशों की अनदेखी।

मुख्यमंत्री का बयान


मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने SMS अस्पताल में पहुंचकर घायलों का हालचाल लिया। उन्होंने घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। भजनलाल शर्मा घायलों से मिलने और उनके कुशलक्षेम जानने के लिए गए और सारी चिकित्सीय उपचार के आदेश दिए । स्वास्थ्य मंत्री भी हॉस्पिटल पहुंचे ।

इससे पहले भी ऐसी बड़ी घटनाओं ने राजस्थान को दहला दिया था. जिनमें साल

2020, अजमेर: टैंकर ब्लास्ट, 50 घायल।
2022, कोटा: केमिकल फैक्ट्री में आग, 30 मौतें।
2023, जोधपुर: बस-टैंकर टक्कर, 20 मौतें।


ऐसे में सवाल उठता है कि सरकार द्वारा सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया? ट्रेंड स्टाफ और उपकरण क्यों नहीं उपलब्ध कराए गए? NSC 9 NEWS की चेतावनियों को नजरअंदाज क्यों किया गया?


सुरक्षा विशेषज्ञ: “टैंकरों की तकनीकी जांच और फायर फाइटिंग उपकरण अनिवार्य हैं।”
फायर ब्रिगेड अधिकारी: “पेट्रोल पंपों के पास फायर फाइटिंग सिस्टम होना चाहिए।”

सरकार को इन पर ध्यान देना चाहिए


पेट्रोल पंप और गैस टैंकरों की नियमित जांच।
ट्रेंड स्टाफ की नियुक्ति और प्रशिक्षण।
सुरक्षा नियमों का सख्त पालन।
प्रशासन और जनता को जागरूक किया जाए।

यह हादसा सरकार और प्रशासन की सुरक्षा में कमी को उजागर करता है। NSC 9 NEWS आपसे अपील करता है कि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता दी जाए। प्रशासन की लापरवाही को नजरअंदाज करने का नतीजा और कितनी जानें लेगा?

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles